भरोसा
सुरक्षा सुझाव
मिलने से पहले, मिलते वक़्त और सौदे के बाद — क्या ध्यान रखें।
अंतिम बदलाव · 1 अगस्त 2026
मिलने से पहले
- यूज़र की रेटिंग, सत्यापन बैज और पुराने सौदे देख लें
- बात चैट में ही रखें — बाहर ले जाने पर कोई रिकॉर्ड नहीं बचता
- सामान की ताज़ा फ़ोटो माँगें, ख़ास तौर पर आज के अख़बार या पर्ची के साथ
- किसी को बता कर जाएँ कि आप कहाँ, किससे और कब मिल रहे हैं
मिलते वक़्त
- दिन के उजाले में, भीड़भाड़ वाली और कैमरे वाली जगह चुनें — सुझाई गई जगहें देखें
- हो सके तो किसी को साथ ले जाएँ
- घर या सुनसान जगह पर मिलने से बचें
- सामान पूरी तरह जाँचें — मोबाइल हो तो चालू करके, IMEI मिलाकर, चार्जिंग जाँचकर
- पैसे तभी दें जब सामान हाथ में हो
- बड़ी रकम के लिए UPI बेहतर है — रिकॉर्ड बना रहता है
ठगी के आम तरीके
- एडवांस माँगना — "बुकिंग के लिए ₹2,000 भेज दो"। BoliLaga पर कभी एडवांस की ज़रूरत नहीं
- पैसे लेने के लिए QR भेजना — QR स्कैन करने से पैसा जाता है, आता नहीं
- बहुत सस्ता दाम — बाज़ार भाव से बहुत नीचे का सामान ज़्यादातर नकली लिस्टिंग होती है
- जल्दबाज़ी — "अभी भेजो नहीं तो दूसरे को दे दूँगा" — सोचने का वक़्त न देना ही चाल है
- OTP माँगना — कोई भी वजह हो, OTP कभी किसी को न बताएँ
- फ़र्ज़ी डिलीवरी — "कूरियर से भेज दूँगा, पहले पैसे" — BoliLaga में डिलीवरी है ही नहीं
सौदे के बाद
- दोनों "सौदा पूरा" पर निशान लगाएँ
- ईमानदारी से रेटिंग दें — इसी से अगले लोगों को भरोसा मिलता है
- वाहन बेचा हो तो RTO में मालिकाना हक़ ज़रूर बदलवाएँ
कुछ गड़बड़ लगे तो
बीच में ही रुक जाइए। सौदा छोड़ देना, फँस जाने से हमेशा बेहतर है। शिकायत दर्ज करें और गंभीर मामलों में साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।